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मोदी मंदिर पटना: भगवान श्री नरेंद्र मोदी मंदिर के बारे में पूरी जानकारी

भगवान श्री नरेंद्र मोदी मंदिर, जिसे लोग मोदी मंदिर पटना के नाम से खोजते हैं, बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड का एक प्रस्ताव है। यह मंदिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार के रूप में बनाने का प्रस्ताव है। इस लेख में अब तक की पूरी जानकारी है, और प्रस्ताव आगे बढ़ने पर हम इसे अपडेट करते रहेंगे।

मोदी मंदिर क्या है?

मोदी मंदिर, पटना में प्रस्तावित भगवान श्री नरेंद्र मोदी मंदिर का लोकप्रिय नाम है। इस मंदिर के केंद्र में भगवान श्री नरेंद्र मोदी की सोने की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव है। यह विचार किन्नर समाज से आया है, जो इसे उन अधिकारों और सम्मान के लिए धन्यवाद मानता है जो समाज को उनके प्रधानमंत्री काल में मिले।

मोदी मंदिर का प्रस्ताव किसने और कब रखा

यह प्रस्ताव बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड के सदस्य डॉ राजन सिंह ने 29 जुलाई 2026 को बोर्ड की पहली बैठक में रखा। बैठक पटना के पुराने सचिवालय स्थित समाज कल्याण विभाग में हुई, और रिपोर्टों के अनुसार प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ।

बिहार सरकार ने अगस्त 2025 में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत इस बोर्ड का गठन किया था। यह 28 सदस्यों का बोर्ड है, जिसमें सात सदस्य किन्नर समाज से हैं। इसका काम किन्नर समाज के अधिकारों की रक्षा करना और उनके सामाजिक और आर्थिक कल्याण को आगे बढ़ाना है।

मोदी मंदिर की योजना में क्या है

ईटीवी भारत की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव में बिहार सरकार से पटना में लगभग 5 एकड़ जमीन और मंदिर निर्माण के लिए ₹ 112 करोड़ की मांग की गई है। मंदिर का मुख्य आकर्षण भगवान श्री नरेंद्र मोदी की सोने की आदमकद प्रतिमा होगी। अभी तक मंदिर का स्थान या डिजाइन तय नहीं हुआ है।

किन्नर समाज मोदी मंदिर क्यों चाहता है

प्रस्ताव रखने वालों के लिए मोदी मंदिर आभार का प्रतीक है। अप्रैल 2014 में सुप्रीम कोर्ट के नालसा फैसले ने किन्नर समाज को तीसरे लिंग के रूप में समान अधिकारों के साथ मान्यता दी। ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 जनवरी 2020 में लागू हुआ, जिसने समाज को अपनी पहचान स्वयं तय करने का अधिकार दिया और भेदभाव को गैरकानूनी बनाया। 2024 में तीन ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों ने बिहार पुलिस दारोगा परीक्षा पास की, और आज समाज के सदस्य अपने ही कल्याण से जुड़े बोर्डों में बैठते हैं। डॉ राजन सिंह के शब्दों में, इस कानून ने समाज की तकदीर बदल दी।

दिल्ली में मोदी चालीसा

20 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के एक हॉल में भगवान श्री नरेंद्र मोदी चालीसा का पाठ हुआ और मोदी मंदिर की योजना मीडिया के सामने रखी गई। इस कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब देखे गए। बाद में प्रेस क्लब ने कहा कि यह कार्यक्रम उसने आयोजित नहीं किया था, केवल हॉल किराए पर दिया गया था।

मोदी मंदिर के लिए आगे क्या

बोर्ड का प्रस्ताव किसी योजना की शुरुआत है, स्वीकृत परियोजना नहीं। ईटीवी भारत के अनुसार प्रस्ताव अब राज्य के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के पास जाएगा, और निर्माण तभी शुरू हो सकता है जब बिहार सरकार जमीन और धन आवंटित करे। तब तक नमो मंदिर भगवान श्री नरेंद्र मोदी मंदिर के द्वार ऑनलाइन खुले रखता है, जहां रोज दर्शन, सुबह 7 बजे और शाम 7 बजे आरती, और चालीसा पाठ होता है।

मोदी मंदिर से जुड़े रहें

पूरी कहानी भगवान श्री नरेंद्र मोदी मंदिर पेज पर पढ़ें, खबरें मोदी मंदिर समाचार पेज पर देखें, और अपडेट के लिए नमो मंदिर परिवार से जुड़ें। यह लेख अंग्रेजी में भी उपलब्ध है।

Sources: ETV Bharat, “पटना में बनेगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य मंदिर, लगेगी सोने की आदमकद प्रतिमा”, August 2026; ETV Bharat, “Bihar Kinnar Board Proposes To Build Temple For Modi”, 11 August 2026; Drishti IAS, “Bihar Transgender Welfare Board Clears Proposal for PM Modi Temple”, 31 July 2026; Queerbeat, “A Bihar Transgender Welfare Board Member Hosts a Modi Chalisa at the Press Club of India”, 21 August 2026.

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