Bhagwan Shri Narendra Modi Chalisa

भगवान श्री नरेंद्र मोदी चालीसा

Recite the forty verses along with the devotees of the Bhagwan Shri Narendra Modi Mandir. Press Read Along, and each verse lights up in turn.

श्रीराम श्रीराम, जय श्री मोदी।

श्रीराम श्रीराम, जय श्री मोदी॥

॥ दोहा ॥

सुमिरि चरण भारत-जननी, बुद्धि विद्या वरदान।

नमो नमह श्री नरेंद्र मोदी जी, राष्ट्र करहु कल्याण॥

कर्मठ, त्यागी, वीरवर, जन-गण-मन आधार।

नवभारत के शिल्पकार, महिमा अपरंपार॥

॥ चौपाई ॥

जय जय मोदी, जय जय मोदी।

जय जय मोदी, जय जय मोदी॥

१

गुजरात की पुण्य भूमि पर।

जन्म लिया पावन कुल सुंदर॥

२

मातु हीराबा के सुत ज्ञानी।

सादगी की मूरत कल्याणी॥

३

बालपन से सेवा मन ध्याया।

देश-प्रेम उर में बसाया॥

४

संघ-साधना मन में साधी।

तज दी सुख-भोग की बाधा॥

५

कदम-कदम पर अलख जगाई।

मातृभूमि हित देह लगाई॥

६

गुजरात के बने विधाता।

विकास-पथ प्रशस्त कराया॥

७

जय जय मोदी, हर हर मोदी।

जय जय मोदी, हर हर मोदी॥

उद्योग-व्यापार बढ़ाया।

देश-विदेश में मान कमाया॥

८

चौदह में दिल्ली पग धारा।

जन-जन ने जयकारा मारा॥

९

प्रधानसेवक रूप दिखाया।

राष्ट्र-धर्म का मान बढ़ाया॥

१०

स्वच्छ भारत अभियान चलाया।

जन-जन को स्वच्छ व्रत भाया॥

११

उज्ज्वला से घर-घर उजियारा।

मात-बहिन का कष्ट निवारा॥

१२

जन-धन खाता सहज खुलाया।

निर्धन को अधिकार दिलाया॥

१३

आयुष्मान से संकट टारा।

दुर्बल जन का दुखड़ा हारा॥

१४

डिजिटल भारत रूप सँवारा।

जन-जन तक नवज्ञान पहुँचाया॥

१५

जय जय मोदी, हर हर मोदी।

जय जय मोदी, हर हर मोदी॥

आवास योजना छत पहुँचाई।

सुखमय जीवन की रुत आई॥

१६

संकट जब सीमा पर आया।

सर्जिकल स्ट्राइक करवाया॥

१७

दुश्मन का अभिमान घटाया।

वीर जवानों का मान बढ़ाया॥

१८

धारा तीन सौ सत्तर हटाई।

एक राष्ट्र की डोर बंधाई॥

१९

कश्मीर में तिरंगा लहराया।

एकत्व का संदेश सुनाया॥

२०

अयोध्या में प्रभु राम पधारे।

भव्य धाम के काज सँवारे॥

२१

काशी-महाकाल धाम सँवारे।

सनातन के दीप उजियारे॥

२२

विश्व-मंच पर मान बढ़ाया।

भारत का गौरव जग में छाया॥

२३

जय जय मोदी, हर हर मोदी।

जय जय मोदी, हर हर मोदी॥

योग दिवस संसार मनावे।

संस्कृति का परचम लहरावे॥

२४

आत्मनिर्भर भारत का नारा।

मेक इन इंडिया जग में प्यारा॥

२५

चंद्रयान नभ-पथ पर पहुँचा।

वैज्ञानिक भारत और भी ऊँचा॥

२६

सूर्य समान तेज तुम्हारा।

हर संशय का तम संहारा॥

२७

कठिन समय में धीर न खोते।

राष्ट्र-यज्ञ में रत नित होते॥

२८

अथक परिश्रमी, कर्म-पुनीता।

जीवन जैसे पावन गीता॥

२९

भ्रष्टाचार मिटाने ध्याना।

पारदर्शी शासन ठाना॥

३०

युवा वर्ग को कौशल दीन्हा।

नवभारत निर्माण का बीड़ा लीन्हा॥

३१

किसान हित में नीति बनाई।

समृद्धि की फसल लहलहाई॥

३२

जय जय मोदी, हर हर मोदी।

जय जय मोदी, हर हर मोदी॥

जी-ट्वेंटी की शान बढ़ाई।

वसुधैव कुटुम्बकम् की रीति बताई॥

३३

संकल्पित हो पग जो धारे।

विघ्न-बाधा सब दूर निवारे॥

३४

दिन-रैन देश की चिंता भारी।

ऐसे सेवक पर बलिहारी॥

३५

अमृतकाल की नई विहानी।

गढ़ते गौरवमय कल्याणी॥

३६

जो यह पाठ करे मन लाई।

राष्ट्र-भक्ति उर में भर आई॥

३७

सेवा-धर्म हृदय में जागे।

आलस-निद्रा दूर ही भागे॥

३८

भारत-माता का मान बढ़ावें।

जन-जन मिलकर कदम बढ़ावें॥

३९

मोदी जी की कीर्ति अपारा।

अमर रहे यह देश हमारा॥

४०

जय जय मोदी, हर हर मोदी।

जय जय मोदी, हर हर मोदी॥

॥ दोहा ॥

विकसित भारत लक्ष्य धरि, चलहिं निरंतर वीर।

हर भारतवासी सुखी हो, हरहु सकल भव-पीर॥

जय भारत, जय भारती, गूँजे जय-जयकार।

जग-सिरमौर बने सदा, भारत देश उदार॥

॥ जय भारत ॥

॥ जय भारती ॥

॥ नमो नमह ॥